लो जी बोलने का मौका फिर आ गया... मुंबई के बांबे हॉस्पीटल में बिजली आखिरकार आ ही गयी... पूरे तीन दिनों बाद यहां पर बिजली रानी के कदम पड़े हैं... तीन दिनों तक बिना बिजली के ये हॉस्पीटल चलता रहा... जेनेरेटर की मदद ली गयी.. ताकि इमरजेंसी सेवाओं पर बिजली के नहीं होने का असर ना पड़े... अमां ये बिजली भी बड़ी अजीब है... रहने से भी दिक्कत ना रहने से दिक्कत... और किसी पर गिर पड़े तो भइया समझो कि बस काम पूरा हुआ... दुनिया में अब उसके लिए कोई काम बचा ही नहीं... लेकिन मुझे तो बांबे हॉस्पीटल में बिजली नहीं होने के पीछे बड़ी साजिश लगती है... कोई बड़ा षडयंत्र लगता है... कहीं जानबूझकर तो बांबे हॉस्पीटल की बिजली गायब तो नहीं कर दी गयी... अब आप सोच रहे होंगे कि भला इसमें कैसी और किसकी साजिश हो सकती है... तो जनाब लगता है आप लोगों का ध्यान हॉस्पीटल के नाम की तरफ नहीं गया... बांबे हॉस्पीटल... अब भी समझ नहीं आया... अरे महाराज बुड़बके हैं क्या... अरे भई बांबे शब्द से किसे खुन्नस है... ज़रा दिमाग पर ज़ोर डालिए.. याद आ गया... जी हां अरे अपने राज ठाकरे साहब... कही बांबे हॉस्पीटल में बिजली के गुल होने के पीछे राज ठाकरे साहब तो नहीं... ज्यादा एक्सपोज ना हो इसलिए चुपके से तीन दिनों के लिए बत्ती गुल करायी और हॉस्पीटल मैनेजमेंट को संदेश भिजवाया हो.. कि भइया हॉस्पीटल चलाना है तो नाम बदल लो... नहीं तो आए दिन बिजली गुल होती रहेगी... और अगर फिर भी ना हुआ तो बिजली गुल नहीं... गिरा दी जाएगी... आप लोगों को मेरी बात भले ही बकवास लग रही हो...लेकिन मुझे तो पक्का शक है कि बिजली गुल करने के पीछे सिर्फ और सिर्फ राज ठाकरे ही हैं... क्यों भई राज ठाकरे साहब.. बांबे तो नहीं चलेगा ना...
Reviewed by
wwwwwwwww
on
Thursday, June 03, 2010
Rating:
5
आईये जाने .... प्रतिभाएं ही ईश्वर हैं !
ReplyDeleteआचार्य जी
मुम्बई में बिजली जाना ही अपने आप में आश्चर्य का विषय है.
ReplyDelete