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Sunday, April 26, 2015

दिल्ली में किसान की खुदकुशी के बाद यमलोक में किसान महासभा का प्रदर्शन



दिल्ली में कल किसान ने खुदकुशी की.. जिसके बाद गर्माए हुए मौसम में सियासत का पारा दो डिग्री और बढ़ गया... लेकिन उससे ज्यादा कहीं परेशान वो किसान थे.. जो बेचारे खुदकुशी करने के बाद यमलोक में रह रहे हैं... कल यमलोक किसान महासभा ने एक रैली का आयोजन किया गया.. और फिर यमराज को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है.. जिसमें लिखा है कि किसी भी किसान की जान दिल्ली में ना जाए... कोई भी किसान दिल्ली में जाकर खुदकुशी ना कर पाए... क्योंकि वहां पर उसे अच्छी खासी मीडिया कवरेज मिल जाती है... संसद में बवाल मच जाता है... सफाई पर सफाई मांगी जाती है...और सफाई पर सफाई दी जाती है... चैनलों पर पूरी चमक-दमक दिखायी जाती है... और जब वो यमलोक आता है.. तब उसके भाव बढ़ चुके होते हैं.. पिछले कई दशकों से जो किसान यमलोक किसान महासभा में हाड़तोड़ मेहनत कर रहे हैं वो साइड लाइन हो जाते हैं... और नया किसान जो दिल्ली में खुदकुशी करके.. मीडिया कवरेज हासिल कर आता है.. वो बड़े पद पर काबिज़ हो जाता है... ऐसा नहीं होना चाहिए... उदाहरण के तौर पर राजस्थान के दौसा के रहने वाले किसान गजेंद्र का नाम लिया गया.. और कहा गया कि उसके परिवार वालों को तो कम से कम आप पार्टी ने 10 लाख की सहायता राशि दे दी... राज्य सरकार भी लाज बचाने के लिए कुछ ना कुछ दे ही देगी.. केंद्र सरकार को मीडिया में बने रहना है तो वो भी मुआवज़ा देने से पीछे नहीं हटेगी... लेकिन उन हज़ारों किसानों का क्या जो दिल्ली से दूर अपने छोटे से गांव में जान दे देते हैं...