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Thursday, February 23, 2017

भारत में चुनाव का होना



चुनाव का ज़ोर है
नेताओं में होड़ है
ज़बान पर ना कंट्रोल है
ना भौंकने पर कोई रोक है
तू हिंदू है, तू मुसलमान है
दलित है, सवर्ण है
नेता साले चालू हैं
जनता साली भालू है
नेता डमरू बजाते हैं
मदारी का खेल जारी है
फिर अगले चुनाव की बारी है
© Alok Ranjan