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Wednesday, April 06, 2016

बिहार की शराबबंदी और नीतीश कुमार जी का तर्क

आओ कुछ अच्छा करते हैं

आओ कुछ अच्छा करते हैं

रूठों को मनाते हैं
रोतों को हंसाते हैं
यारों दोस्तों के साथ महफिलें सजाते हैं
आओ कुछ अच्छा करते हैं

बुरे के साथ अच्छा बन जाते हैं
दुखों को दहलीज़ के बाहर छोड़ आते हैं
अपनों की खुशी की वजह बन जाते हैं
आओ कुछ अच्छा करते हैं

फेसबुकिए नहीं हाड़-मांस वाले दोस्त बनाते हैं
मोबाइल छोड़ घरवालों के साथ कुछ वक्त बिताते हैं
वर्चुअल नहीं अपनी वाली दुनिया में जीते हैं
आओ कुछ अच्छा करते हैं

©Alok Ranjan