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Sunday, July 05, 2015

वो इंटरव्यू वाली लड़की पार्ट - 6


कहानी का पांचवां पार्ट यहां पढ़ें
रोहित जब घर पहुंचा तो शादी की तैयारियां ज़ोरों पर थीं... अगले चार दिन में उसकी शादी हो जानी थी... इधर जब से रोहित गया था.. आयशा बड़ी रिज़र्व सी रहने लगी थी.. अपने ब्वॉयफ्रेंड साक्षम के साथ भी उसकी बातचीत बेहद कम हो गयी थी... हालांकि उसके मम्मी पापा को इस बात का ज़रा भी अहसास नहीं था कि वो किस दौर से गुज़र रही थी... आयशा भी खुद समझ नहीं पा रही थी.. कि आखिर ये क्यों हुआ.. और कैसे हुआ... वो बीते हुए कुछ महीनों को याद कर रही थी... कि तभी फोन की घंटी बजी.. देखा तो रोहित का फोन था... 

हाय रोहित सर... कैसे हैं आप.. कैसी चल रही हैं शादी की तैयारियां... 

हे... आयशा .. कैसी हो यार... यहां पर तो तैयारियां ज़ोर शोर से चल रही हैं... पूजा पे पूजा हुए जा रही है... पता नहीं कितनी सारी रस्में हैं.. बिहार में शादियां तो कई दिनों तक चलती हैं ना... तुम बताओ... मिली कहीं जॉब तुम्हें... 

अरे अभी कहां सर... लेकिन हो सकता है कि मिल जाए... आईबीएम से रिस्पांस आया है... परसों इंटरव्यू है... 

अरे यार परसों तो मेरी शादी है... चलो अच्छा है... मुझे पूरा भरोसा है कि तुम्हें वहां जॉब ज़रूर मिल जाएगी... 

हां सर... मुझे भी लग रहा है... चलो सर आप अपनी रस्में निभाओ... मम्मी बुला रही हैं... बाद में बात करती हूं आपसे... 

ओह हो... चलो ठीक है... इतना कहकर रोहित ने फोन काट दिया... रोहित को आयशा का यूं कहना कुछ ठीक नहीं लगा... लेकिन वो जानता था कि उसके और आयशा के बीच जो कुछ भी है... उसके बाद आयशा का उसका फोन उठाना ही काफी है... 

उधर आयशा की आंखें भी डबडबा आयी थीं... वो सोच रही थी..काश कुछ महीने पहले रोहित सर से मुलाकात हो जाती... साक्षम उसका ब्वॉयफ्रेंड ज़रूर है... वो उससे प्यार भी करती है... लेकिन शायद वो बचपने वाला प्यार है... क्योंकि एक तो साक्षम के घरवाले उसके खिलाफ हैं.. दूसरे साक्षम में अभी उतनी मेच्योरिटी नहीं आयी है... जितनी खुद उसमें है... इसलिए दोनों के मेंटल लेवल में भी फर्क है... रोहित के लिए जो कुछ भी वो महसूस कर रही है... वो कुछ खास है... क्योंकि यहां ना सिर्फ दोनों की सोच भी मिलती है.. बल्कि कभी-कभी तो दोनों की बातें भी ज़बान से एक जैसी ही निकलती हैं... 

रात में रोहित का फिर फोन आया... आयशा फोन उठाना तो चाहती थी.. लेकिन किसी तरह दिल पर पत्थऱ रखकर उसने फोन नहीं उठाया... अगले दिन सुबह फिर रोहित का फोन आया... इस बार आयशा फोन को इग्नोर नहीं कर पायी... 

हैलो मैडम... क्या हो गया है... रात को फोन नहीं उठाया..कितनी सारी बातें तुम्हें बतानी थी यार... 

हाय सर... गुड मॉर्निंग... कल तबीयत थोड़ी ठीक नहीं थी... जल्दी सो गयी थी.. इसलिए नहीं उठा पायी... 

अरे हुआ क्या है तुम्हें.. तुम्हारी आवाज़ से तो लग रहा है... तुम्हारी तबीयत अभी भी ठीक नहीं है... 

नहीं सर.. अब तो थोड़ा ठीक है... आयशा ने झूठ बोलते हुए.. अपनी रुलाई को छुपाने की कोशिश की... 

अच्छा चलो शाम को मेरी बारात है... फोन करुंगा.. तबीयत ठीक रही तो उठा लेना... टेक रेस्ट एंड टेक केअर... बाय-बाय

ओके सर बाय-बाय.. और हां कांग्रेट्स... इतना कहकर आयशा ने फोन काट दिया... गला रूंध चुका था... वो ज़ोर-ज़ोर से रोना चाह रही थी... तकिए में सिर छुपा कर थोड़ी देर वो रोती रही... जिससे उसे प्यार हुआ था.. जिसका साथ उसे पिछले कुछ महीनों में अच्छा लगने लगा था... जिसके बारे में सोचते ही उसे लग रहा था कि ये बंदा बिल्कुल परफेक्ट है... अब चंद घंटों में उसकी शादी होने वाली थी... उसे ये भी पता था... कि रोहित को भी उससे प्यार हो गया है.. लेकिन साथ ही उसे ये भी पता था.. कि तीन महीने के प्यार के लिए वो छह महीने पुरानी तय की गयी अपनी शादी नहीं तोड़ सकता... अब कुछ भी नहीं किया जा सकता था... 

तभी आयशा के कानों में उसकी मम्मी की आवाज़ पड़ी... 

अरे आयशा.. तुझे इंटरव्यू के लिए नहीं जाना क्या... नौ बज गए हैं... 11 बजे इंटरव्यू है ना तेरा... कब तैयार होगी.. कब जाएगी... 

ओ शिट... अरे यार मैं अपना इंटरव्यू कैसे भूल सकती हूं... शिट यार... हां मम्मी बस निकल रही हूं... इतना कहते-कहते वो दौड़ते हुए बाथरुम में घुस गयी... 

आयशा जब इंटरव्यू देकर बाहर निकली तो उसके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी... आईबीएम जैसी बड़ी कंपनी में उसे जॉब मिल गयी थी... लेकिन साथ ही साथ थोड़ा दुख भी था... क्योंकि एक महीने बाद उसे अमेरिका जाना पड़ेगा... कंपनी के ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत उसे 6 महीने अमेरिका में गुज़ारने होंगे... आयशा ने जब पर्स से अपना फोन निकाला तो देखा... रोहित के 10 मिस्ड कॉल पड़े हुए थे... कम से कम 15 एसएमएस थे... फौरन उसे फोन किया... 

उधर से आवाज़ आयी.. अरे कहां हो यार... कब से फोन कर रहा हूं... मैसेज किए.. कोई जवाब नहीं... सबकुछ ठीक है ना... 

हां सर सबकुछ ठीक है... आपकी आवाज़ बहुत कम आ रही है.. शोर बहुत ज्यादा हो रहा है... 

हां यार.. बारात निकल चुकी है... इसीलिए शोर हो रहा है... तुम बताओ... कैसा रहा तुम्हारा इंटरव्यू... जॉब मिली... 

हां सर.. मिल गयी... वहीं तो थी.. इसीलिए आपका फोन उठा नहीं पायी.. और ना ही मैसेज का जवाब देने का ही वक्त मिला... अभी जैसे ही बाहर आयी हूं.. आपको फोन किया... 

अरे... बधाईयां... अब तो मैडम आईबीएम की एंप्लॉयी हो गयीं... बहुत अच्छा.. इसकी भी पार्टी ड्यू रही तुमपर... वापस आता हूं तो पार्टियां लूंगा तुमसे... चलो बारात निकल चुकी है... फिर फोन करूंगा... बाय-बाय.. एंड अगेन कांग्रेच्युलेशन्स... 

थैंक्यू सर... बाय-बाय... इतना कहकर आयशा ने फोन काट दिया.. वो समझ नहीं पा रही थी... कि इतनी अच्छी नौकरी मिलने की खुशी मनाए.. या फिर रोहित की शादी का गम... मन ही मन उसने सोचा.. यार ऐसा क्या है रोहित में.. जिससे वो सिर्फ तीन महीने में ही उसके ना सिर्फ इतना करीब हो गयी.. बल्कि पिछले ढाई साल से चल रहे अफेयर को भी उसने दरकिनार कर दिया... क्यों हो गया उसे रोहित से इतना प्यार... जिन बिहारियों के लिए वो गाली देती थी.. आज उन्हीं में से एक बिहारी से  उसे इतना प्यार कैसे हो सकता है... कुछ ही घंटे बाद उसकी शादी होने वाली है... और इधर उससे प्यार बढ़ता ही जा रहा है... क्या करूं यार.. कुछ समझ नहीं आ रहा.. इतना कहकर उसने ऑटो को हाथ दिया... और कहा.. .

भैया सेक्टर 12 चलना है... चलोगे... 

हां मैडम चलिए बैठिए...