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Sunday, May 31, 2015

126 ‪#Rafale‬ fighter jets Deal with France Scrapped



‪#‎Indian‬ ‪#‎Defense‬ ‪#‎Minister‬ ‪#‎ManoharParrikar‬ Terming the UPA's proposed deal for 126 ‪#‎Rafale‬ fighter jets as "economically unviable" and not required. Parrikar has said the ‪#‎NDA‬
government will buy only 36 of the ‪#‎French‬ ‪#‎aircraft‬, to be used for strategic purposes, and no more.
Parrikar also raised questions on the tendering process initiated by former Defence Minister A K Antony and said his predecessor had "hammered" the tender in such a way that the Rafale deal would have never seen the light of the day. Rejecting criticism from the Congress that ‪#‎PrimeMinister‬
‪#‎NarendraModi‬ had bypassed the Finance Ministry and the Defence Acquisition Council, the apex body of the Defence Ministry that takes the call on military projects, Parrikar said "the deal is yet to be inked" and they should hold their horses till the process was complete.
The Modi government has scrapped the over USD 20 billion deal for 126 Rafales more than three years after Dassault was declared the lowest bidder under UPA's tenure. During his visit to France last month, the Prime Minister announced the decision to buy 36 of these jets in a fly-away condition under a government-to-government (G2G) contract. Parrikar underlined that the decision to acquire 36 Rafales came in view of the "urgent requirement" of Indian Air Force.
"We are not buying the rest. We are only buying the direct 36," Parrikar told PTI when asked what will happen to rest of the requirement. He said that the UPA deal for 126 Rafales was way too expensive and it would have hampered other modernisation plans of the Indian military. The deal would have required around Rs 1.3 lakh crore over a period of 10-11 years, he added. "Would there be any money for any other work?" he asked. "I also feel like having a BMW and Mercedes. But I don't because I can't afford it. First I can't afford it and second I don't need it. So, 126 Rafales was economically unviable. It was not required," Parrikar said

अडानी ने दी जीशान को नौकरी


जीशान खान का नाम आप लोग अभी भूले नहीं होंगे... जीशान को मज़हब के नाम पर एक कंपनी में नौकरी नहीं दी गयी... यानि जीशान को उनकी काबलियत के बाद भी इसलिए नौकरी पर नहीं रखा गया क्योंकि वो मुस्लिम हैं... सोशल मीडिया पर... न्यूज़ चैनल्स पर... अखबारों में लंबी बहस चली.. मुस्लिम समुदाय के अलग दावे... हिंदू समुदाय के अलग दावे... लेकिन इन सबके बीच अच्छी खबर ये आयी है कि जीशान को अब नौकरी मिल गयी है.. जब ये सारा बवाल चला तो जीशान के पास दर्जन भर से ज्यादा नौकरियों के ऑफर्स आए.. लेकिन उन्होंने अहमदाबाद से आए एक ऑफर को स्वीकार किया.. ऑफर था अदानी ग्रुप से... अदानी के मुंबई ऑफिस में जीशान ने बतौर एग्ज़िक्युटिव ट्रेनी ज्वाइन कर लिया है... 

अब इस सारे प्रकरण के बाद मुझे लगता है कि एक वर्ग इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार देगा.. तो दूसरा वर्ग नौकरी मिल गयी है फिर भी इसे नेगेटिव नज़रों से देखेगा... यानि कुल मिलाकर चैन किसी को भी नहीं मिलने वाला... एक बोलेगा ये तो हमारा हक है.. अल्पसंख्यक हैं नौकरी देनी तो उसकी मजबूरी थी.. ऐसे कैसे नहीं देता.. वो ये नहीं कहेगा कि नौकरी मिल गयी है.. तो अदानी ग्रुप बधाई का पात्र है... क्योंकि उसका जुड़ाव एक खास पार्टी और एक खास नेता से है... दूसरा ग्रुप कहेगा.. हमारे समुदाय के साथ तो यही होता रहता है.. एकजुट रहेंगे नहीं.. राजनीति करेंगे.. एक ही समुदाय के होकर अपने ही लोगों को नीचा दिखाते हैं.. इसिलए तो बहुसंख्यक होकर भी जयचंदों की वजह से पीछे रह जाना पड़ जाता है...

लेकिन इन सबके बीच एक वर्ग ऐसा भी है.. जो ना तो इधर हैं.. ना ही उधर हैं.. उन्हें अपनी दाल रोटी चलानी है.. अपने परिवार का पेट पालना है.. वो भी बिना किसी लफड़े के... उनमें से मैं भी एक हूं.. यही कहूंगा.. जीशान को उसका हक मिला... हिंदुस्तान का नागरिक होने का हक.. संविधान का हक जो हम सबके बराबर होने की बात करता है... और जीशान जैसे उन हज़ारों नौजवानों का मनोबल भी बढ़ा जिन्हें इस तरह की खबरें सुनकर-देखकर टेंशन हो गयी थी..

नोट - कृप्या हिंदू-मुस्लिम ग्रुप वाले इस पोस्ट से दूर रहें... अच्छी खबर थी इसलिए पोस्ट की.. अपने मन की बात कही...

Friday, May 29, 2015

भारत और इसराइल के बीच बढ़ते रिश्ते, भारतीय नेवी को नया तोहफा


‪#‎IndianNavy‬ will soon test fire a long-range surface-to-air missile, jointly developed by ‪#‎India‬ and ‪#‎Israel‬, aiming to enhnace its capabailities against incoming missiles, planes and drones. If the test is sucessful, it will pave the way for final intsllation of Barak 8 missile on board Indian ‪#‎warships‬. The missile had undergone a sucessful test in Israel last November. The missile is being jointly developed by Israel Aerospace Industries, India's ‪#‎DRDO‬, Israel's Administration for the Development of Weapons and Technological Infrastructure, ‪#‎Elta‬
Systems, Rafael and other companies. The state-run Bharat Dynamics Limited (BDL) will series-produce the 70 km-range ‪#‎Barak8‬, with 32 missiles to be initially fitted onto ‪#‎INSKolkata‬Barak 8 is considered to be a major asset for Indian Navy because it adds a potent system designed to destroy any anti-ship missile launched by Pakistani or Chinese navy. Key to Barak 8's ability to intercept incoming missiles is Israel-made MF-STAR radar system which is capable of simultaneously tracking hundreds of airborne targets to a range of more than 250 kilometres.

India is More Focused on Research and Development Using Own Super Computers


‪#‎India‬ to have 70 ‪#‎SuperComputers‬ by 2022. The super computer will help India do research in different fields ranging from climate, defence and other areas. The government has begun the process of having 70 super-computers in the country, which will enable high-level research in different fields for not only government agencies but also the private sector. The super-computer will help India do research in different fields ranging from climate, defence and other areas, which a normal computer is ill-equipped for.
The computer would have a capacity (speed) of half petaflop to 20 petaflop, but by the time the project reaches its full peak, the speed of the super-computers can go up to 50 petaflop. A ‪#‎petaflop‬ is a measure of a computer’s processing speed and can be expressed as a thousand trillion floating point operations per second.
“The project, which costs around Rs 4,500 crore is in its nascent stage. It will come up with association of the Department of Science and Technology (DST) and the Department of Information and Technology (DIT). These super-computers will be in different parts of country,” Ashutosh Sharma, Secretary of DST, said.

अरविंद केजरीवाल जी अब आम आदमी नहीं रहे, आम आदमी की पाती केजरीवाल जी के नाम


भइया केजरीवाल जी.. अब आप तो आम से खास आदमी हो गए... कहा था आपने की मैं मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ले रहा हूं बल्कि दिल्ली की पूरी जनता मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रही है... ज़रा इस चिट्ठी पर गौर करें... ये भी एक आम आदमी है... आपको ना तो बिजली कटने की परेशानी झेलनी है.. ना ही गर्मी की... ना ही मच्छरों की... बाकी आपके स्वास्थ्य केंद्रों की हालत तो किसी से छुपी नहीं है... बच्चों का टीका तक तो मिल नहीं रहा... 100 दिनों में आपने क्या किया.. इसकी लिस्ट जारी करने से बेहतर ये होता कि 100 दिनों में आपने क्या नहीं कर पाए.. इसकी जानकारी दे देते तो आम आदमी का यकीन आप पर और बढ़ जाता.. क्योंकि अब आप तो आम से खास होकर मुख्यमंत्री बन गए... लेकिन इस बेचारे आम आदमी को ये सब झेलना पड़ता है... ऐसे ही एक आदमी देवेश वशिष्ठ की एक पाती... मुख्यमंत्री जी केजरीवाल के नाम... 


श्री अरविंद केजरीवाल जी
माननीय मुख्यमंत्री
दिल्ली सरकार
मुख्यमंत्री जी, 
अब आपसे और आपके मंत्रियों से मिलना बहुत मुश्किल हो गया है और हमारे विधायक कभी न घर मिलते हैं न फोन उठाते हैं इसलिए आपको ये खुला खत लिखना पड़ रहा है।
हमें आपने कहा कि आप ईमानदार हैं, इसलिए दिल खोलकर आपको वोट दिये। यहां तक कि आस पड़ौस के लोगों से भी कहा कि उस आदमी को चुनें जो कहता है कि उसके राज में दिल्ली का हर आदमी खुद को मुख्यमंत्री समझे। केजरीवाल जी आपके कहे पर मुझे इतना भरोसा है कि अब तो कभी कभी सोते वक्त ये सपना भी आ जाता है कि मैं भी मुख्यमंत्री बन गया हूं। लेकिन पिछले चार दिन से पूर्वी दिल्ली की एक घनी बस्ती न्यू अशोक नगर जहां मैं रहता हूं वहां रात भर बिजली लुका छिपी का खेल खेलती रहती है। लगता है कि आपके खिलाफ साजिश है क्योंकि चिपचिपी गर्मी में मुख्यमंत्री का सपना नहीं दिखता। 

केजरीवाल जी मुख्यमंत्री तो आप ही हैं। हमारे इतने बड़े सपने नहीं है। आपने भी तो कहा था कि मुझ जैसे आम आदमी की मांगें भी बहुत छोटी छोटी होती हैं। पत्नि बता रही थी कि सुबह बच्चे को टीका लगवाने के लिए नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र गई तो वहां बताया कि बहुत दिन से वहां दवाएं नहीं आ रहीं। रोटा वायरस का टीका भी नहीं था वहां। बच्चा रोता है रात को गर्मी में। कहीं उल्टी दस्त न लग जाएं। इंटरनेट पर पढ़ रहा था कि रोटा वायरस का टीका इसी काम का होता है। आप तो जनता के मुख्यमंत्री हैं, कुछ व्यवस्था करवा देते तो ठीक रहता।
मैं भी आम आदमी ही हूं। आपकी टोपी दस रुपये देकर खरीदी थी, पर्ची भी कटाई थी। रखी है मेरे पास। मुझे यकीन है कि आप पिछले मुख्यमंत्रियों जैसे नहीं है... लेकिन पहले कभी कभी नालियों की सफाई के लिए कुछ लोग जो आते थे, वो अब नहीं आते... मच्छर बहुत हो गए हैं ना इसलिए परेशानी ज्यादा हो गई है। मुझे पता है कि ये आपके खिलाफ साजिश है... लेकिन कुछ करवा देते तो ठीक रहता।
एक और छोटा सा काम है आपसे... वो मेरी पत्नि है ना, राजकीय कन्या विद्यालय में गेस्ट टीचर थी... उसकी तीन महीने की सैलरी बाकी है... जब आप पिछली बार आए थे तो बजट नहीं मिलने से नहीं मिल पाई थी। उस बिचारी ने तो उम्मीद ही छोड़ दी है.. लेकिन मैं उसे समझाता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री ईमानदार हैं... वो ऐसा थोड़े करेंगे.. वैसे मामला साल भर पुराना हो गया है। अब तो उसकी नौकरी भी छूट गई है... अगर पैसे दिलवा देते तो ठीक रहता...

हां एक और बात है... मेरे बाल बहुत झड़ रहे हैं...। तो ऐसे ही झ़ड़ते रहे तो गंजा हो जाऊंगा। इसलिए वो सरकारी वाला अच्छा पानी भिजवा देते तो कृपा होती... लोग बताते हैं ग्राउंड वाटर से बाल टूट रहे हैं। पीने के लिए 20 रुपये का मंगवा लेता हूं..। लेकिन बाल धोने भर को सरकारी वाला अच्छा पानी मिल जाता तो ठीक रहता। 

बहुत छोटी छोटी सी परेशानियां हैं। आपकी स्वराज भी पढ़ी थी मैंने। 45 रुपये की खरीद कर लाया था। क्या लिखा है आपने। वाह।
आम आदमी की तो ज्यादा डिमांड नहीं होती। बस इतनी सी बात थी कि हमारी गली पक्की होनी थी। दो साल पहले काम भी शुरू हो गया था। वैसे हमें वहां रहने की आदत हो गई है, पर काम रुक गया तो गिट्टी पत्थर से बाइक निकालने में भी परेशानी होती है। पत्नि को साथ ले जाते वक्त डर लगता है, कहीं गिर ऊबड़-खाबड़ में गिर न जाए। काम शुरू करवा देते तो ठीक रहता...
बाकी सब बहुत अच्छा है। बहुत तरक्की हो ही रही है। आपका दिल्ली का विकास करने के लिए शुक्रिया।
आपका
आम आदमी।

ISIS का बढ़ता कद और मज़हब की चुपचाप बढ़ती दीवार



सोशल मीडिया साइट्स पर इन दिनों एक अलग तरह की बहस छिड़ी हुई है... मुस्लिम हैं तो घर नहीं दिया.. मुस्लिम हैं तो नौकरी नहीं दी... विरोधी पक्ष अपने हथियार लेकर कूद पड़ा है... फलां कंपनी मुसलमान की है तो वहां हिंदुओं को नौकरी नहीं दी जाती.. कई ने तो OLX पर मकान देने के लिए दिए गए विज्ञापनों के स्क्रीनशॉट चिपका दिए हैं.. कि मकान सिर्फ मुस्लिमों के लिए खाली है... मकान सिर्फ हिंदुओं के लिए खाली है... लेकिन इस बात की चर्चा बेहद कम नज़र आती है कि आतंकी संगठन ISIS ने अब किसकी जान ली... मुस्लिमों भाइयों की वॉल पर धर्म और उससे संबंधित सारी खबरें मिलती हैं.. लेकिन ये कहीं नहीं मिलता की आतंकी संगठन ISIS क्यों ऐसी दरिंदगी कर रहा है... ताज़ा वीडियो डाला है इन कमज़र्फ कायरों ने... सीरिया के एक बंदी का गला काटते हुए... लेकिन उससे पहले ISIS के इन आतंकियों ने उसी से उसकी कब्र खुदवाई... फिर उसका गला काट दिया... ज़रा सोचिए... उस वक्त उस शख्स की दशा क्या रही होगी... उस वक्त ये शख्स क्या सोच रहा होगा जब अपने ही हाथों से अपनी कब्र खोदी... आखिर क्यों हमारा मुस्लिम समाज उन आतंकियों के खिलाफ ज़ोरदार आवाज़ नहीं उठाता.. क्या वहां पर एक मुसलमान दूसरे मुसलमान को नहीं मार रहा.. और क्या इसे जायज़ ठहराया जा सकता है... जिस शख्स का गला इन आतंकियों ने काटा है... वो सीरिया के अल-करयातयान का रहने वाला था.. नाम था उसका जैद अब्देल अल अबु तारेक... नाराज़गी है मुझे उन लोगों से जो राजनीति के लिए लोगों का विरोध करते हैं.. लेकिन जहां पर असली विरोध की ज़रूरत है वहां पर चुपचाप रह कर ये समझ लेते हैं कि छोड़ो यार अपनी ही कौम के खिलाफ विरोध कौन करे... मैं ऐसा नहीं कह रहा है कि सभी मुस्लिम ऐसे हैं... लेकिन ज्यादातर तो हैं... ऐसा मुझे महसूस होता है...

Sunday, May 10, 2015

सब मिले हुए हैं जी (अथ: श्री केजरीवाल कथा)


ये फेसबुक...ट्वीटर...गूगल प्लस वाले आपस में मिले हुए हैं जी... सारे अखबार भी आपस में मिले हुए हैं जी... जितने न्यूज़ चैनल हैं वो भी सब आपस में मिले हुए हैं जी... ये सब आपस में मिलकर हमारे खिलाफ खबरें चलाते हैं जीं... हमारे पास ना तो पुलिस है... ना ही पूर्ण राज्य का दर्जा है जी... हम तो कुछ नहीं कर सकते हैं जी... केंद्र सरकार आम आदमी का भला करने से रोक रही है जी... हम इन सारे मिले हुए पत्रकारों/लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जी... केंद्र सरकार मुझे कार्रवाई करने से नहीं रोक सकती है जी... मैं तो मुख्यमंत्री हूं जी.. ऐसे कैसे कोई मेरी ऐसी-तैसी कर सकता है जी... आखिर मेरी भी कोई प्रतिष्ठा है जी... अब मैं भला आम आदमी रह नहीं गया हूं जी... सारी मीडिया के खिलाफ कार्रवाई करूंगा जी... मेरे खिलाफ... मेरी सरकार के खिलाफ... मेरे नेताओं के खिलाफ... मेरी पार्टी के खिलाफ... जो भी जाएगा जी... उस पर हमारा डंडा पड़ेगा जी... हमने तो अपनों (योगेंद्र-प्रशांत) को भी नहीं छोड़ा जी.. फिर ये जनता किस खेत की मूली है जी... क्योंकि हमने किसानों के लिए मुआवज़ा घोषित किया है जी... तो सारे खेतों पर भी तो हमारा अधिकारी हुआ जी... खबरदार जो हमारी नापसंद की जाने वाली फसल उगायी जी... धारा 499-500 के तहत विरोधी फसल उगाने के आरोप में उखड़वा दूंगा जी...

हो चचा... उ कौउन कहावत है हो... का कहत हउव हो... हां... हमरा ठेंगा से... 

Saturday, May 09, 2015

पेट्रोल-डीज़ल से नहीं अब हवा से चलेगी गाड़ी


वो दिन दूर नहीं जब पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती और गिरती कीमतें आपको परेशान नहीं करेंगी... क्योंकि बेहद जल्द अब सड़कों पर हवा से चलने वाली गाड़ियां नज़र आने लगेंगी... अभी तक आपने फिल्मों में ऐसा होते देखा होगा... लेकिन अब हकीकत में ऐसा होने वाला है... जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने मिराई नाम की कार बनायी है... जो की हवा से चलेगी... इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे की है... ये सिर्फ 9.6 सेकेंड्स में 0 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है.... एक बार में ये करीब 500 किलोमीटर तक चल सकती है... और इसके लिए आपको इसके टैंक में हाइड्रोजन गैस भरना होगा...

हाइड्रोजन गैस ऑक्सीज़न के साथ मिलकर बिजली बनाएगी.. जिससे कार में लगा मोटर चलेगा... साथ में बैट्री भी होगी जो अतिरिक्त पैदा होने वाली बिजली को स्टोर करेगी... ताकि कार को स्टार्ट करते वक्त या फिर लाइट्स जलाते वक्त उसका इस्तेमाल किया जा सके... और सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि... इससे प्रदूषित धुएं की बजाए.. एग्जॉस्ट के ज़रिए सिर्फ पानी निकलेगा... यानि ये वायुमंडल को ज़रा सा भी प्रदूषित नहीं करेगी... ये कार ना सिर्फ बेहद सुरक्षित है.. बल्कि आने वाले वक्त में इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाएगा...

इतनी सारी खूबियों के साथ-साथ इसमें कई खामियां भी हैं... सबसे बड़ी मुश्किल इसकी कीमत को लेकर है.. फिलहाल इस कार की कीमत करीब 62 लाख रुपए है... हाइड्रोजन भरना भी फिलहाल बेहद मुश्किल है.. क्योंकि अगर सिर्फ ब्रिटेन की बात करें तो वहां पर फिलहाल सिर्फ 12 ऐसे फिलिंग स्टेशन हैं जहां हाइड्रोजन मिलता है... हालांकि कहा जा रहा है कि 2020 तक इसकी संख्या 65 के करीब हो जाएगी.. लेकिन ये भी नाकाफी होगा... हालांकि ब्रिटेन की सरकार इसके लिए भारी-भरकम सब्सिडी दे रही है... जापान में तो इसकी शुरुआत भी हो चुकी है... सरकार की ओर से इस कार को करीब 17 लाख रुपए में उपलब्ध कराया जा रहा है...

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इन खामियों से बाहर आना ज्यादा मुश्किल नहीं है... लेकि नज़रा सोचिए... ऐसी कारों की संख्या जब बढ़ने लगेगी तो दुनिया की कितनी सारी परेशानियां दूर हो सकती हैं... जिस तेल के लिए ना जाने कितनी जंगें लड़ी जा चुकी हैं... कई देशों को बर्बाद किया जा चुका है... हज़ारों की जानें जा चुकी हैं... वो नहीं होंगी... पर्यावरण को जो नुकसान पेट्रोल और डीज़ल से चलने वाली गाड़ियां पहुंचाती हैं.. वो नहीं होगा. यानि आने वाली पीढ़ियों को हम साफ और सुरक्षित हवा का तोहफा दे पाएंगे... देशों की अर्थव्यवस्था में भारी सुधार होगा.. क्योंकि उनकी तेल पर निर्भरता खत्म हो जाएगी... 

Thursday, May 07, 2015

अरविंद केजरीवाल का 3-C वाला फॉर्मूला उन्हीं पर कैसे पड़ रहा है भारी


दिल्ली के मुख्यमंत्री माननीय ‪#‎अरविंदकेजरीवाल‬ जी ने सत्ता संभालने से पहले एक फॉर्मूला दिया था.. तीन C वाला.. माने करप्ट लोग नहीं रखेंगे.... कैरेक्टरलेस लोग नहीं रखेंगे... और क्रिमिनल नहीं रखेंगे... और फिलहाल तो इस फॉर्मूले की धज्जियां उड़ती नज़र आ रही हैं... और शायद इसीलिए केजरीवाल के सामने अब ट्रिपल टेंशन आ गई है...
‪#‎अरविंद‬ जी की पहली टेंशन हैं... पहला C यानि करप्ट लोग... उनके कानून मंत्री‪#‎जितेंद्रतोमर‬... कानून की उनकी फर्ज़ी डिग्री पर कल ‪#‎दिल्ली‬ ‪#‎हाईकोर्ट‬ में सुनवाई होनी है... और आज से ही उनके विरोधी घेरेबंदी में लग चुके हैं... नेता विपक्ष ‪#‎विजेंद्रगुप्ता‬ ने इस मामले पर एलजी नजीब जंग से मुलाकात की और नजीब जंग ने साफ कहा कि वो इस मामले में सीएम केजरीवाल को जवाब तलब करेंगे... कल हाईकोर्ट इस पर क्या कदम उठाता है... उसके बाद अरविंद जी की टेंशन और ज्यादा बढ़ जाएगी...
अरविंद जी की परेशानी यहीं पर कम नहीं होती... दूसरी टेंशन यानि दूसरा C है... कैरेक्टरलेस लोग... कवि कुमार... यानि ‪#‎कुमारविश्वास‬ जी के चरित्र का हनन हो रहा है... और कवि कुमार अमेरिका निकल लिए हैं... और इधर दिल्ली में परेशानी का ऐसा बीज बो गए हैं.. कि ये बवाल केजरीवाल जी.. और उनकी पार्टी आप के संभाले नहीं संभल रहा... महिला आयोग से कन्नी काटना कुमार विश्वास और केजरीवाल जी के लिए मुसीबत बन गया है.. अब शिकायत पुलिस कमिश्नर और गवर्नर तक जा पहुंची है...महिला आयोग ने ये भी आरोप लगाया है कि केजरीवाल काम में अड़ंगा डाल रहे हैं....
रही सही कसर तीसरे C यानि क्रमिनल लोगों ने पूरी कर दी है.. कुख्यात गैंगस्टर‪#‎नीरजबवाना‬ को शरण देने और प्लॉट में एके सैंतालिस राइफल छिपाने के आरोपी पूर्व एमएलए ‪#‎रामबीरशौकीन‬ फरार हैं... गैरज़मानती वारंट के बावजूद वो स्पेशल सेल के सामने पेश नहीं हुए हैं... और दिल्ली पुलिस ने रामबीर शौकीन को भगोड़ा घोषित करने का पूरा इंत़ाम कर लिया है... बाकायदा कोर्ट में इसके लिए अर्ज़ी दायर की जा चुकी है...पुलिस ने कमरुद्दीन नगर के उनके ऑफिस, घर और ससुराल में नोटिस भी चस्पा कर दिया है, यही नहीं कुछ और जानकारियां भी मिली हैं... आपको बता दें कि रामबीर शौकीन गैगस्टर नीरज बवाना के मामा श्री हैं...

Saturday, May 02, 2015

बुध ग्रह पर एलियन एयरक्राफ्ट


भाई बुध ग्रह वालों के लिए तो नासा का एयरक्राफ्ट एलियन ही होगा... जैसे किसी दूसरे ग्रह से आया कोई यान हमारे लिए तो एलियन ही होगा ना... नासा का स्पेसक्राफ्ट मैसेंजर बुध ग्रह की सतह से टकरा गया.. उसके टुकड़े बुध ग्रह पर बिखरे हुए हैं... कल को बुध ग्रह पर रहने वाले निकल आए तो उनके लिए स्पेसक्राफ्ट के टुकड़े तो एलियन वर्ल्ड के ही होंगे...

‪#‎NASA‬ spacecraft crashes into ‪#‎Mercury‬; ends mission
NASA's ‪#‎Messenger‬ spacecraft has crashed into the surface of Mercury, ending its historic 11-year mission that provided valuable data and thousands of images of the planet.
Mission controllers at the Johns Hopkins University Applied Physics Laboratory (APL) in Maryland, confirmed that MErcury Surface, Space ENvironment, GEochemistry, and Ranging (MESSENGER) spacecraft impacted the surface of Mercury, as predicted, on Thursday.
MESSENGER was launched on August 3, 2004, and it began orbiting Mercury on March 18, 2011. The spacecraft completed its primary science objectives by March 2012.
Because MESSENGER'S initial discoveries raised important new questions and the payload remained healthy, the mission was extended twice, allowing the spacecraft to make observations from extraordinarily low altitudes and capture images and information about the planet in unprecedented detail.
Last month - during a final short extension of the mission referred to as XM2 - the team embarked on a hover campaign that allowed the spacecraft at its closest approach to operate within a narrow band of altitudes, 5-35 kilometres above the planet's surface.
On April 28, the team successfully executed the last of seven orbit-correction manoeuvres, which kept MESSENGER aloft for the additional month, sufficiently long enough for the spacecraft's instruments to collect critical information that could shed light on Mercury's crustal magnetic anomalies and ice-filled polar craters, among other features.
With no way to increase its altitude, MESSENGER was finally unable to resist the perturbations to its orbit by the Sun's gravitational pull, and it slammed into Mercury's surface at around 8,750 miles per hour, creating a new crater up to 52 feet wide.

केजरीवाल जी की गजेंद्र किसान सहायता योजना


खबर आ रही है कि दिल्ली सरकार ने किसानों को मुआवज़ा देने के लिए अपनी योजना का नाम रख दिया है...गजेंद्र सिंह किसान सहायता योजना... ऐसी खबर मिली है... दिल्ली कैबिनेट ने इसे अपनी मंज़ूरी भी दे दी है.. हो चचा... गजेंदरवा के लटके में त इ दोसर एंगल नज़र आवत है हो... ‪#‎अरविंदकेजरीवाल‬ ‪#‎दिल्लीकेमुख्यमंत्री‬
DIRECTORATE OF INFORMATION AND PUBLICITY
GOVT. OF NCT OF DELHI
Cabinet approves distribution of compensation cheques to farmers from May 8
The farmers compensation scheme will be called Gajendra Singh Kisan Sahayta Yojana
01.05.2015
Delhi cabinet on Friday approved the distribution of cheques under Gajendra Singh Kisan Sahayta Yojana to farmers of Delhi from May 8 onwards, whose crop has been destroyed by recent unseasonal rains.
The cabinet, in its meeting chaired by the Chief Minister, Mr Arvind Kejriwal, also approved the formula for payment of compensation to the farmers.
It has been decided that based on official assessment, farmers whose complete crop has been destroyed will be paid Rs 20,000 per acre. (In cases of crop loss of 70% and above).
In cases where the crop loss will be assessed below 70%, the farmers will get a minimum compensation of Rs 14,000 per acre.
Therefore, the compensation for farmers suffering from crop loss due to unseasonal rains has been divided into two slabs of Rs 20,000 per acre and Rs 14,000 per acre.
It has also been decided that any dispute arising between government officials and farmers on the quantum of crop loss will be resolved in the respective gram Sabha nearest to the land of affected farmers.
The compensation scheme is for farmers and corporate entities owning land in Delhi will not get the benefit of this scheme.