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Sunday, April 26, 2015

नेपाल के साथ-साथ ज़रा बिहार को भी मदद कर दीजिए


‪#‎भूकंप‬ में मरने वालों की संख्या ‪#‎नेपाल‬ में लगातार बढ़ती जा रही है... करीब 2500 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है... भारत का भी सारा ध्यान #नेपाल को मदद पहुंचाने में है... ‪#‎भारत‬ के लोग भी सरकार की इस कोशिश की तारीफ कर रहे हैं.. हमें गर्व है कि हमारे देश और सरकार ने इतनी तेज़ी दिखायी... नेपाल को हर मुमकिन मदद पहुंचायी... और ये मदद लगातार जारी है... केंद्र सरकार का पूरा अमला दिन-रात एक करके मदद पहुंचाने में लगा हुआ है... लेकिन इस बीच गौर करने वाली बात ये भी है कि.. नेपाल के बाद ‪#‎बिहार‬ में भूकंप ने सबसे ज्यादा तबाही मचायी है... 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है... ‪#‎मुख्यमंत्री‬ ‪#‎नीतीश‬ कुुमार मुआवज़े का ऐलान भी कर चुके हैं.. लेकिन मेरी वहां कई लोगों से बात हुई... उनके मुताबिक राहत कार्य में बेहद ढिलाई बरती जा रही है... शायद इसकी वजह बिहार को मिल रही कम मीडिया कवरेज है... नेपाल में भले ही ज़बरदस्त तबाही मची है... लेकिन बिहार की बर्बादी को भी कम करके नहीं आंका जाना चाहिए... तीन दिन पहले ही तूफान भी करीब 50 लोगों की जान ले चुका है... और करोड़ों रुपए की संपत्ति का नुकसान हो चुका है... रही सही कसर भूकंप ने पूरी कर दी है... इसलिए बिहार सरकार और केंद्र सरकार से आग्रह है कि वो बिहार के राहत कार्यों पर भी उतनी ही तेज़ी दिखाएं जितना नेपाल के लिए दिखायी जा रही है...

किसान की खुदकुशी और आम आदमी पार्टी की घटिया राजनीति



‪#‎आशुतोष‬ जी... आपको ये बोलते हुए.. ज़रा भी शर्म नहीं आयी कि.. अगली बार होगा तो अरविंद खुद जाएंगे बचाने...क्या केजरीवाल खुद पेड़ पर चढ़ जाते... ‪#‎SaveFarmer‬

‪#‎अरविंदकेजीरवाल‬ जी... आपकी पार्टी के नेता... ये बयान दे रहे हैं कि.. दोष दिल्ली पुलिस का है... वहां खड़े मीडियाकर्मियों का है... हमारे कार्यकर्ता ही बचाने गए... कुमार विश्वास बड़ी शान से बता रहे हैं.. कि देखो वो तो पेड़ पर लटक गया... और तो और पुराने और वरिष्ठ पत्रकार जो कि आम आदमी पार्टी के बड़े नेता आशुतोष.. तो यहां तक कह गए.. कि अगर अगली बार हुआ तो अरविंद खुद बचाने जाएंगे.. शर्म है... मंच पर.. आप खुद थे... अरविं केजीरवाल थे.. .संजय सिंह... कुमार विश्वास... सारे बड़े नेता थे.. लेकिन आप लोगों को ज़रा भी शर्म नहीं आयी की.. रैली को रोक कर... भाषण को रोक कर... किसान को बचाने ही चले जाते... जब आपको नज़र आ रहा था.. कि किसान लटक रहा है.. तो आप गए क्यों नहीं... मरने के बाद हॉस्पिटल ज़रूर पहुंच गए.. कि राजनीति भी तो करनी है... धिक्कार है... #अरविंदकेजीरवाल जी ‪#‎ArvindKejriwal‬ ‪#‎KumarVishwash‬ ‪#‎SanjaySingh‬‪#‎Ashutosh‬ ‪#‎SaveFarmer‬

दिल्ली में किसान की खुदकुशी के बाद यमलोक में किसान महासभा का प्रदर्शन



दिल्ली में कल किसान ने खुदकुशी की.. जिसके बाद गर्माए हुए मौसम में सियासत का पारा दो डिग्री और बढ़ गया... लेकिन उससे ज्यादा कहीं परेशान वो किसान थे.. जो बेचारे खुदकुशी करने के बाद यमलोक में रह रहे हैं... कल यमलोक किसान महासभा ने एक रैली का आयोजन किया गया.. और फिर यमराज को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है.. जिसमें लिखा है कि किसी भी किसान की जान दिल्ली में ना जाए... कोई भी किसान दिल्ली में जाकर खुदकुशी ना कर पाए... क्योंकि वहां पर उसे अच्छी खासी मीडिया कवरेज मिल जाती है... संसद में बवाल मच जाता है... सफाई पर सफाई मांगी जाती है...और सफाई पर सफाई दी जाती है... चैनलों पर पूरी चमक-दमक दिखायी जाती है... और जब वो यमलोक आता है.. तब उसके भाव बढ़ चुके होते हैं.. पिछले कई दशकों से जो किसान यमलोक किसान महासभा में हाड़तोड़ मेहनत कर रहे हैं वो साइड लाइन हो जाते हैं... और नया किसान जो दिल्ली में खुदकुशी करके.. मीडिया कवरेज हासिल कर आता है.. वो बड़े पद पर काबिज़ हो जाता है... ऐसा नहीं होना चाहिए... उदाहरण के तौर पर राजस्थान के दौसा के रहने वाले किसान गजेंद्र का नाम लिया गया.. और कहा गया कि उसके परिवार वालों को तो कम से कम आप पार्टी ने 10 लाख की सहायता राशि दे दी... राज्य सरकार भी लाज बचाने के लिए कुछ ना कुछ दे ही देगी.. केंद्र सरकार को मीडिया में बने रहना है तो वो भी मुआवज़ा देने से पीछे नहीं हटेगी... लेकिन उन हज़ारों किसानों का क्या जो दिल्ली से दूर अपने छोटे से गांव में जान दे देते हैं...

सुप्रीम कोर्ट के कानूनची ध्यान दें पार्ट - 2


ये तस्वीर ठीक सुप्रीम कोर्ट के मेन गेट के बाहर की है... बड़ा सा बोर्ड लगा है.. जिस पर लिखा है... NO STOPPING NO PARKING.. पूरी सड़क पर दो-तीन जगहों पर ऐसे बोर्ड लगें हैं.. हिंदी में इसका मतलब होता है... यहां पर गाड़ी पार्क ना करें.. और ना ही खड़ी करें... चूंकि सड़क यहां पर पतली है... और आगे वाली रेड लाइट भी करीब 130 सेकेंड की होती है.. तो जाम बहुत जल्दी लग जाता है... लेकिन सोमवार से शुक्रवार.. आप जब भी इस सड़क से गुज़रेंगे तो आपको बोर्ड के सामने कानून को ठेंगा दिखाती ऐसी ही गाड़ियां नज़र आएंगी... और जहां तक मुझे लगता है.. यहां पर खड़ी होने वाली करीब-करीब सारी गाड़ियां वकीलों और सुप्रीम कोर्ट में काम करने वाले लोगों की हो सकती हैं...

आप नेता आशुतोष का रोना


वैसे जानकारी के लिए पूछ रहा हूं... सुबह-सुबह माननीय ‪#‎केजरीवाल‬ जी का सफाई देना... खुद को कसूरवार बताना...और उसके कुछ ही घंटों बाद ‪#‎आशुतोष‬ का यूं.. फफक-फफक कर रोना... कहीं ऐसा तो नहीं कि इस शो के प्रोड्यूसर आशु महाराज ही थे... क्योंकि कम से कम इतना तो हो गया कि देर रात तक केजरीवाल... आशुतोष... और आम आदमी पार्टी के ही चर्चे रहेंगे... टीवी पर... हो चचा... कमाल कर दिहिस आशुतोषवा हो... बड़का धुरंधर बनत हउव राजनीति के.. घंटा....


आगरा में चर्च पर हमले का सच


खबर भी कैसे आग पकड़ती है ज़रा देखिए... आगरा में पिछले दिनों एक चर्च पर हमला हुआ.. बड़ा बवाल मचा... ज़ाहिर था आरोप भी लगने थे... देश में भगवा शासन हो गया है... जब पीएम ही कट्टर हिंदूवादी हो तो और क्या देखा जा सकता है.. लेकिन अब इस पूरे मामले में अलग ही मोड़ आ गया है... आगरा के इस चर्च में तोड़फोड़ करने वाला एक सिरफिरा आशिक निकला... उसका नाम है हैदर... बकौल आगरा पुलिस रिक्शा चालक हैदर जिस लड़की से प्रेम करता था वो घरों में चौका बर्तन साफ करने का काम करती थी... हैदर उससे शादी करना चाहता था... हैदर और उसकी प्रेमिका इसी चर्च के पास मिलते थे और लड़की चर्च में मोमबत्ती लगाने जाती थी....अचानक लड़की 10-15 दिन हैदर से मिलने नहीं आई...हैदर के पास लड़की के नाम पते की कोई जानकारी नहीं है... गम में डूबे हैदर ने शराब और चरस पीनी शुरु कर दी.. 16 अप्रैल को हैदर गम और गुस्से में चर्च में रात 2.30 बजे दीवार फांद कर घुस गया और तोड़फोड़ कर डाली...
कुल मिलाकर भेड़चाल में ना आएं... कुछ भी छापने से पहले उसकी सत्यता जांच लें... और अब सवाल ये है कि जिन लोगों ने गालियां दीं क्या वो उसी तरह सबके सामने आकर अपनी-अपनी गालियां वापस लेंगे... माफी मांगेंगे... या फिर चुपचाप मुंह छुपा कर बैठे रहेंगे बेगैरतों की तरह....

Thursday, April 09, 2015

दुनिया की 96 फीसदी महिलाएं खुद को सुंदर नहीं मानती



हा हा हा हा हा... तस्वीर देखिए और फिर खबर समझिए.. वैसे आपको बता दूं कि ब्यूटी प्रोडकट्स बनाने वाली कंपनी डव ने दुनिया के पांच शहरों चीन के शंघाई... अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को... ब्रिटेन के लंदन... ब्राज़ील के साउ पाउलो और भारत के दिल्ली में महिलाओं पर एक सर्वे किया... एक एंट्री प्वाइंट पर लिखा एवरेज और दूसरे पर ब्यूटीफुल... सर्वे में पाया गया कि 96 फीसदी महिलाओं ने खुद को एवरेज बताया है... और बाकी भारत में क्या हुआ.. तस्वीर से आपको पता चल गया होगा...

ओबामा जी से अपने दंगे संभलते नहीं और भारत को गांधी की याद दिलाते हैं


आपको याद होगा अभी कुछ ही दिनों पहले यानी जनवरी में जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी तशरीफ यहां लेकर आए थे.. तब उन्होंने जाते-जाते क्या कहा था... नहीं याद आ रहा तो मैं याद दिलाता हूं.. ओबामा ने कहा था कि भारत में पिछले कुछ सालों में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ी है.. और अगर महात्मा गांधी आज होते तो वो बेहद दुखी होते... लेकिन माननीय ओबामा जी अपना देश भूल गए थे.. अब एक बार फिर अमेरिका के साउथ कैरोलिना शहर में पुलिस के एक गोरे जवान ने एक अश्वेत वाल्टर स्कॉट को पांच गोलियां मारी...ज़मीन पर गिरे उसके बेजान शरीर के हाथों को हथकड़ियां पहनाई... फिर उसके जिस्म के पास टेसर नाम का हथियार भी रखा... टेसर से बिजली का ज़ोर से झटका लगता है... अमूमन भागते अपराधियों को पकड़ने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है... वाल्टर स्कॉट नॉर्थ चार्लेस्टन में कोस्ट गार्ड का पूर्व सैनिक था... फिलहाल उस गोरे पुलिस अधिकारी माइकल स्लैगर को गिरफ्तार कर लिया गया है... उस पर हत्या का मुकदमा चल रहा है.. लेकिन सवाल ये है कि क्या बराक ओबामा अब दोबारा वही डायलॉग अपने देश में मारेंगे कि.. सेनोरिटा... बड़े...बड़े देशों में छोटी-छोटी बातें हो जाया करती हैं.. ओबामा जी दूसरे की गलतियां फौरन नज़र आ जाती हैं लेकिन अपनी देख कर भी नज़रअंदाज़ की गयी गलतियों को क्या कहा जाएगा... आज भी आपके देश में गोरे और काले की लड़ाई जारी है... उम्मीद है फर्ग्युसन में हुए दंगे अभी आप भूले नहीं होंगे...

Tuesday, April 07, 2015

उत्तराखंड पुलिस के दबंग...राउडी और सिंघम पुलिसवाले

भइया ऐसा है कि... अब पुलिसवाले फिल्मों से कुछ ज्यादा ही प्रभावित हो गए हैं.. और रही सही कसर.. सिंघम...सिंघम रिटर्न्स... राउडी राठौर... दबंग और दबंग 2 का कुछ ज्यादा ही असर है... कुछ तस्वीरें लगायी हैं.. देखिए और असली ज़िंदगी वाले दबंगों.. राठौरों... और सिंघमों की इश्टाइल देख लीजिए... अरे ये बताना तो भूल ही गया कि.. ये लोग उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी हैं... यानि हथियार भी असली.. वर्दी भी असली... बस इश्टाइल कॉपी किया हुआ है... फेसबुक पर धड़ा-धड़ लाइनक मिल रहे हैं... कमेंट हो रहे हैं.. और हो भी क्यों ना... अपने इलाके के सिंघमों..राउडियों और दबंगों की जी हज़ूरी के लिए लाइक करना तो बनता ही है ना... उत्तराखंडियों के भाइयों नाराज़ मत होना... देश के बाकी हिस्सों की पब्लिक भी जी हज़ूरी में तो इससे कई गुना आगे निकल जाती है.. आप तो अभी फेसबुकिया ही रहे हो...











सड़क पर वो मार खाता रहा, बच्चे लोगों से पिता को बचाने की गुहार लगाते रहे, शर्म है दिल्लीवालों


दिल्ली वाले ना सिर्फ गालियां देने में बेशर्म हैं.. बल्कि वो किसी की जान बचाने में भी बेशर्म हैं... अरे कोई सड़क पर लड़ रहा है तो मेरी बला से... नौबत हाथापाई तक पहुंच गयी है मेरी बला से.. मैं तो खड़ा होकर सिर्फ तमाशा देखूंगा... हाथापाई अब जानलेवा बन चुकी है.. अरे तो मैं क्या करूं... मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा है... भाई क्या सही लड़ाई चल रही है यहां पर... मरेगा पक्का. .दोनों में से कोई ना कोई तो मरेगा... अबे तो मैं क्या करूं.. किसी और के फटे में क्यों टांग अड़ाउं... ना भाई ना... अपने को तो भाई ऐसे लफड़े से दूर ही रहना है... और इन्हीं विचारों के साथ करीब 60-70 लोग जो काफी देर से घेरा बनाए... भीड़ बनकर.. रोड़ पर हो रही लड़ाई देख रहे थे.. नामर्दों की तरह... वो घेरा तोड़कर निकल गए... थोड़ी देर बाद टीवी देखते हुए... एक भाई साहब अपनी पत्नी को बता रहे थे...अरे देख-देख यहीं पर था मैं... साला क्या कुत्तों की तरह लड़ रहे थे लोग... कोई बचाने नहीं आया बेचारे को... अब अकेला मैं क्यों जाता मरने.... साला इतने लोग थे वहां पर कोई ना कोई तो आ ही जाता.. लेकिन सब साले फट्टू निकले... हां भई.. कौन जाए... अपनी जान तो नहीं जा रही थी ना...

और इस तरह से दिल्ली में कुछ लोगों ने मामूली सी सड़क लड़ाई को जानलेवा जंग में बदलते देखा... कुछ लोगों ने बच्चों के सामने उसके पिता को मरते देखा... और फिर भीड़ का घेरा यूं निकल गया जैसे सब ज़िंदा लाशें खड़ीं थी वहां पर... शर्म है दिल्ली वालों... 

Monday, April 06, 2015

धत्त तेरे की दीपिका पादुकोण ने तो मर्दों वाली बात कह दी


वैसे दीपिका पादुकोण से जानकारी के लिए पूछना था...(अगर उनसे बात करने का मौका मिल जाए) कि जिन जिन चीज़ों/बातों/ख्यालों पर उन्होंने बड़ी ही बेबाकी से अपनी राय दी है कि वो उनकी अपनी है उसका इस्तेमाल वो अपनी मर्ज़ी के हिसाब से करेंगी... (वैसे वो यहां पर दुनियाभर की महिलाओं की बात कर रही हैं) तो ज़रा बता दें कि अगर पुरुष भी उन सारी चीज़ों/बातों/ख्यालों का जो महिलाओं के बराबार पुरुषों में होती है.. उसका इस्तेमाल भी दीपिका की बतायी मनमर्जी यानि अपनी मर्ज़ी से करने लगें.. जैसा कि दीपिका ने Vogue के विज्ञापन में दावा किया है....तो समाज का ताना-बाना कैसा होगा... उसकी अंग्रेज़ी लाइनें दे रहा हूं.. ज़रा पढ़िए... समझिए.. और फिर अपना ज्ञान दीजिए...
My body, my mind, my choice
To wear the clothes I like; even if my spirit roams naked
My choice; to be a size 0 or a size 15
They don’t have a size for my spirit, and never will
To use cotton and silk to trap my soul is to believe that you
can halt the expansion of the universe
Or capture sunlight in the palm of your hand
Your mind is caged, let it free
My body is not
Let it be
My choice
To marry, or not to marry
To have sex before marriage, to have sex out of marriage, or
to not have sex
My choice
To love temporarily, or to lust forever
My choice
To love a man, or a woman, or both
Remember; you are my choice, I’m not your privilege
The bindi on my forehead, the ring on my finger, adding your
surname to mine, they’re all ornaments and can be replaced
My love for you cannot, so treasure that
My choice; to come home when I want
Don’t be upset if I come home at 4am
Don’t be fooled if I come home at 6pm,
My choice; to have your baby or not
To pick you from 7 billion choices or not
So don’t get cocky
My pleasure might be your pain
My songs, your noise
My order, your anarchy
Your sins, my virtues
My choices are like my fingerprints
They make me unique
I am the tree of the forest
I am the snowflake not the snowfall
You are the snowflak
Wake up
Get out of the shit storm
I choose to empathise
Or to be indifferent
I choose to be different
I am the universe
Infinite in every direction
This is my choice.

लालू का उत्तराधिकारी घोषित करना और लालू के बेटों का बर्थ सर्टिफिकेट ढूंढना


और लालू प्रसाद यादव के इतना कहते ही कि उनका बेटा ही उनका उत्तराधिकारी होगा... तेज प्रताप और तेजस्वी अपना-अपना बर्थ सर्टिफिकेट ढूंढ रहे हैं... कि कहीं बाद में कुछो गड़बड़ा ना जाए... और खबर तो ये भी आई है कि अपने पापा जी के ऐलान के साथ ही पप्पू यादव के समर्थकों के साथ तेज प्रताप यादव ने हाथापाई भी कर ली... हो चचा... काहे बेकार में अपना बिटवा के राजनीति में एंटर करावत हउव्वा... वंशवाद पर भाषण देवे वाला.. सब नेतवन के बिटवा उत्तराधिकारी हउव्वे...

हो चचा... ई एंटी करप्शन हेल्पलाइन वाला कॉल सेंटर मा नौकरी कइसे मिलेगा ?


और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जैसे ही एंटी करप्शन हेल्पलाइन लॉन्च की.. रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों को इस बात की टेंशन हो गयी कि... अमां यार पहले ही कम थे खाने वाले... जो कि एक और डिपार्टमेंट बना दिया... साला उधर भी हिस्सा पहुंचाना पड़ेगा... अपना परसेंटेज तो और कम हो जाएगा... अब बंदा खाएगा क्या.. और बांटेगा क्या... हो चचा... ई एंटी करप्शन हेल्पलाइन वाला जौन कॉल सेंटर है.. ओमे नौकरी कइसे मिलेगा.. कोउनो आइडिया है का...

जब रंगा सियार आम आदमी पार्टी बना ले





और एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रायता फैला दिया... दो तस्वीरें लगायी हैं... जो उस जगह की हैं.. जहां माननीय केजरीवाल जी एंटी करप्शन हेल्पलाइन को लॉन्च कर रहे थे... एक लाख बार कह चुके हैं कि वो आम आदमी हैं... पार्टी का नाम भी आम आदमी पार्टी है... दिल्ली से वीआईपी और वीवीआईपी कल्चर खत्म करने का दावा भी कर रहे हैं.. लेकिन जब लोग केजरीवाल जी के इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे तो... बेचारे परेशान हो गए... यहां तो वीवीआईपी एंट्री का बोर्ड लगा था... उन्हें समझ नहीं आया कि बेचारे वो आम हैं या फिर... बाकी आप खुद समझ जाइए...